सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा – २


सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा – २
हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलसिताँ हमारा – २
पर्वत है इसके ऊँचे, प्यारी है इसकी नदियाँ
वो संतरी हमारा, वो पासवाँ हमारा – २
गोदी में खेलती है, जिसकी हज़ारों नदियाँ
गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिना हमारा – २
ऐ आबे-रूद-ए-गंगा, वो दिन है याद तुझको
उतरा तेरे किनारे, जब कारवाँ हमारा – २
मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम – ३, वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा – २
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा – २